Tuesday, 15 May 2018

मेंहदी किसी और के नाम की।

















चाहे लाख मेहंदी लगा ले किसी और के नाम की,
तेरे हांथों की लकीरों से अब मैं नहीं मिटूँगा ।

नफरतों का दौर तो तुम्हारे शहर में होता होगा,
हमारे यहाँ तो आम भी पत्थर से नहीं हाथ से तोड़ते हैं।

©नीतिश तिवारी।

Sunday, 6 May 2018

बरस रही हो तुम।
























बिखरी ज़ुल्फ़ों में भी सँवर रही हो तुम,
शायद मेरे रूप से और निखर रही हो तुम,
जब से तुम्हें देखा है सारी प्यास मिट गयी,
बिना बादल के भी बरस रही हो तुम।
©नीतिश तिवारी।

Saturday, 5 May 2018

जिन्ना-जिन्ना करते हो तुम...
























जिन्ना- जिन्ना करते हो तुम, तुमको चाहिए आज़ादी,
भगत सिंह जो फाँसी पर चढ़े वो बोलो फिर क्या थी।

देश में रहकर देशद्रोही बनते फिरते हो तुम,
ये अब काम किसी और के इशारे पर करते हो तुम।

सालों पहले देश बँट गया तुम जैसे लोगों के कारण,
इस बार देश नहीं बंटेगा चाहे कर लो कितने जतन।

पढ़ने की जगह पर तुम सिर्फ नारे लगाने जाते हो,
भारत में रहकर तुम क्या पाकिस्तान का खाते हो।

कितना भी तुम चिल्ला लो, इन नारों में वो बात नहीं,
बाहरी आदमी देश बँटवा दे उसकी अब औकात नहीं।

©नीतिश तिवारी।

Wednesday, 2 May 2018

एहतराम किया।
























तुम्हारी खामोशियों का एहतराम किया है मैंने,
अपनी ग़ज़ल को भी तेरे नाम किया है मैंने।

अपनी पलकों से आँसू को निकलने ना दिया,
अपने जज़्बात को तेरा गुलाम किया है मैंने।

यूँ तो बर्बाद हो गया मैं तेरी मोहब्बत में लेकिन,
फ़कीरी में भी दाना-पानी का इंतज़ाम किया है मैंने।

©नीतिश तिवारी।

Sunday, 29 April 2018

बदनाम शायर।























इतना आसान भी नहीं है मोहब्बत की दास्तान लिखना,
अच्छे भले आदमी को बदनाम शायर बनना पड़ता है।

कुछ भी हो जाए तुम एक बार मोहब्बत जरूर करना,
गम को छुपाकर मुस्कुराने की अदा सीख जाओगे।

©नीतिश तिवारी।

Wednesday, 18 April 2018

गले लग जाती हो।























लफ्ज़ भी गुलाम हो जाते हैं मेरे,
जब तुम अपना बनाने का इशारा करती हो।
धड़कनों को हर बार सुकून मिल जाता है,
जब तुम चुपके से आकर गले लग जाती हो।

@नीतिश तिवारी।

Thursday, 5 April 2018

भीगी सिगरेट और इश्क़.




कभी आईने को देखें फिर तुम्हें निहारें,
मोहब्बत में हम खुद को कैसे संभालें.

तेरे इश्क़ में भीगे हुए सिगरेट सा हो गया हूँ,
आ मुझे अपनी बाहों की गर्मी से सुलगा दे.

©नीतिश तिवारी।

Tuesday, 3 April 2018

Got married.




पिछले कुछ दिनों से अत्यधिक व्यस्तता के कारण आप सभी से मुख़ातिब नहीं हो पाया। दिनांक 10 मार्च 2018 को विवाह सम्पन्न हुआ। परम पिता परमेश्वर का धन्यवाद। 
ज्यादा कुछ ना कहते हुए बस कुछ पंक्तियाँ अपनी अर्धांगिनी के लिए।

ये पल बहुत खूबसूरत है, 
इसमें तुम जो हो।
शुक्रिया तुम्हारा मेरी अर्धांगिनी बनने के लिए।

Nitish.

Sunday, 18 March 2018

इनाम मिला है.






बरसों की तड़प का मुझे इनाम मिला है,
इश्क़ में आज मुझे एक मुक़ाम मिला है.

थोड़ा सब्र का लेता तो मुक़ाम भी मिल जाता,
उसकी बेवफाई का मुझे इंतकाम भी मिल जाता।

©नीतिश तिवारी।

Thursday, 1 March 2018

व्यंग--गुलाल, कंगाल, मालामाल।
























किसी ने रंग उड़ाये, किसी ने गुलाल,
नीरव मोदी पैसा उड़ाया, बैंक हुआ कंगाल।

शौचालय,बिजली,घर से किया सबको मालामाल,
सब जगह मोदी जी छाये, कांग्रेस का हुआ खस्ता हाल।

लालू जी की बेल हुई है नामंजूर,
और होली में रहेंगे अपने घर से दूर।

केजरीवाल ने कुमार विश्वाश को दिखाई ऐसी सुनामी,
बन गए वो राजनीति में सबसे कम उम्र के आडवाणी।

होली में भाभी बनाएं मालपुआ, लेकिन हमरा चाही रसपुआ,
बड़कन के लिहीं आशीर्वाद, छोटकन के दिहीं हम दुआ।

होली की शुभकामनाओं के साथ,
आपका 
©नीतिश तिवारी।

Wednesday, 28 February 2018

मशहूर होने दो।






















ख्वाहिशें पूरी हुयीं, तुम पर ऐतबार हुआ।
लो आ गया सनम मैं, खत्म तेरा इंतज़ार हुआ।।

मेरी चाहतों पर दुनिया वालों यूँ बंदिशें ना लगाओ।
मुझे अपनी हस्ती बदलनी है,मुझे मशहूर होने दो।।

©नीतिश तिवारी।

मेरा रंग बन जाना।
























अबकी होली खास है,
मेरा महबूब मेरे पास है।

मैं जी भर के होली खेलूँगा,
तुम मेरा रंग बन जाना।
जब फुर्सत मिले कभी तो,
तुम मुझे अंग लगाना।

मैं तुम्हारे लिए काँटों से लडूंगा,
फिर तुम मेरा फूल बन जाना।
अबकी होली खास है,
मेरी मुस्कुराहट मेरे साथ है।

 होली की हार्दिक शुभकामना।

©नीतिश तिवारी।

Monday, 26 February 2018

मैं एक कवि हूँ।




















कभी-कभी शब्द
नहीं मिलते,
फिर भी खयालों
को बुनने का
मन करता है।
नदी किनारे सीप
की मोतियों को
यूँ ही चुनने का
मन करता है।
मैं एक कवि हूँ।

गुजरते हुए इस
वक़्त को थामने
का मन करता है।
सोचता हूँ कुछ
ऐसा लिख जाऊँ
जो अमर प्रेम 
कृति बन जाए।
मैं एक कवि हूँ।

मुश्किलें तो बहुत
आती हैं पर
हौंसला नहीं खोते हैं।
हर परिस्थिति में
एक जैसे रहें,
कवि वैसे होते हैं।

©नीतिश तिवारी।

Sunday, 25 February 2018

Tribute to Shridevi.



















आपके जाने से भारतीय सिनेमा को अपूरणीय क्षति हुई है।
 कुछ पंक्तियाँ।

अब नहीं महकेगी चाँदनी कभी,
कौन MR INDIA के लिए बेताब होगा,
आपके जाने से हम सब को लगा है सदमा
एक लम्हे में जिंदगी चली गयी,
ये जुदाई बहुत दुखदायी है।

नमन।
©नीतिश तिवारी।

Saturday, 24 February 2018

लप्रेक-मोहब्बत में घोटाला।
























तुम ये बात-बात पर अपने सौंदर्य प्रसाधन का जो डिमांड करती हो ना, मुझे तेरी मोहब्बत में घोटाला नज़र आता है। और ये घर छोड़कर मायके जानेवाली धमकी तो महाघोटाला लगता है। ज्यादा नीरव मोदी बनने की कोशिश ना करो क्योंकि मैं कोई PNB तो हूँ नहीं जो तुम लूटकर चली जाओगी। चलो मान लिया कि तुम मेरे दिल से खेलकर मोहब्बत में घोटाला कर लोगी। पर ये मत समझना कि मैं काँग्रेस की तरह ऑडिट नहीं होने दूँगा। प्यार में भ्रष्टाचार की लड़ाई के लिए बैठ जाऊँगा अनशन पर अन्ना की तरह, एक नए मोहब्बत के केजरीवाल की तलाश में।

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धन्यवाद।
©नीतिश तिवारी।